Friday, January 1, 2016

नया साल कैसा होगा ।

नया साल  कैसा होगा  ?

खुशियों का संसार  लिए  ।
            जग में सुख का  अंबार लिए ।
                   विश्व - बंधुओं के  जीवन में ,
                             नवल- मृदुल -नव -प्यार  लिए

यह नया साल  ऐसा  होगा  ।

दुख-दर्द  भूल जाएंगे  सब ,
       हो प्रसन्न  सुख देगें  रब
                 पूरी  सब की इच्छा  होगी,
                          माँ - बहबहनों की  रक्षा  होगी

भय - मुक्त - स्वच्छ  यह जग होगा  ।
यह   नया  साल  ऐसा।  होगा  ।।

आतंकवाद  का  अंत  भला  ,
            जन- जन ने  आज  पुकारा  है ।
                ' आतंक- रहित  होगी  दुनिया "
                               यही  विश्व  का  नारा  है ।

आतंक- मुक्त  यह जग होगा ।
नया साल  ऐसा होगा  । ।

जग के युवा  ने ठान लिया,
        अपना अस्तित्व  पहचान  लिया  ।
                      मेरी  भी यही  अभिलाषा है  ।
                                 ' सब पढें -  बढे ' यह आशा है ।

नववर्ष  सुखद  सब का होगा ।
  नया साल  ऐसा होगा ।  ।        

           

Thursday, December 31, 2015

नववर्ष मंगलमय हो ।

नववर्ष के प्रभात पर गीत  नया  गाइये।
मुस्करा रहे हैं हम आप मुस्कुराइये ।
मुस्कुरा रही है कली फूल  मुस्कुरा रहे  ।
नववर्ष की  खुशी में  दुख दर्द  भूल जाइए  ।
मुस्कुरा रहे हैं हम आप  मुमुस्कुराइए  ।।

The World Without Fear ,Happy New year.

Nights  are  bright, the  days  are   gay
Birds are  searching for the   hay .
To build  their  beautiful ,cosy nest .

Trees are  swinging ,
Flowers  are  blooming
The Sun is shinning  with
Beautiful and  bright rays.

The  wind is blowing
The birds  are  chirping
Carrying  aroma  over the
Wings everywhere  .

The  year is going  ,
The  year  is coming
Leaving  behind  
Terror  'n ' fear
Everywhere  
Happy New year.
The  world  without Fear.

Saturday, November 7, 2015

पुस्तक का महत्व

पुस्तक का  हमारे  जीवन में  विशिष्ट  स्थान है । पुस्तक  ज्ञान  प्राप्ति  का  साधन है । पुस्तक के  माध्यम से  पढ-लिखकर लोग  अपना  जीवन  सार्थक  बनाते हैं । इसलिए  पुस्तक  को हमरी सच्ची  साथी  कहा  गया है ।  पुराने समय से ही  पुस्तकें  ज्ञान के  संचय का माध्यम  रही हैं । वेद - पुराण , रामायण - गीता  ,बाइबिल  -- कुरान  भी पुस्तक के  रूप में  हमारे  पास  उपलब्ध है ।  लेखक  , साहित्यकार  , कवि  एवं  नाटककार  अपनी कृतियों  को पुस्तक के  रूप में  सजोते हैं  , जिन्हें  पढकर  लोग  ज्ञान  प्राप्त  करते हैं ।  अतः  पुस्तकें  ज्ञान की  गंगा  हैं  ।

Saturday, October 10, 2015

हे ! भ्रमर गीत गा मधुर - मधुर

हे !भ्रमर गीत गा  मधुर - मधुर  ।
मधुसिक्त कंठ से  मधुर गीत,
गतिशील, प्रखर  ,शीतल  समीर
भारत - माॅ का  महिमा -मंडन
भारत -सपूत -उज्ज्वल -भविष्य
हे ! भ्रमर गीत गा मधुर - मधुर  ।।

हिमगिरि  से रामेश्वर  सुदूर
गुजरात से अरुणाचल प्रदेश
भर दे भारत में संगीत  मधुर
कन्या कुमारी  से कश्मीर
हे! भ्रमर गीत गा मधुर - मधुर  ।।

नव वर्ष की स्वर्णिम बेला मे
नव -भारत का हो मृदुल सृजन
जन-जन का जीवन मधुर बने
खुशियों से हो परिपूर्ण वतन ।।

हे ! जगत- नियंता जगदीश्वर
हे ! जगत के जगताधार प्रभो
जग -जीवन सफल बना देना
जन - जन - सुखी संसार प्रभो ।।

भारत  जग -अधिनायक हो
जन-जीवन शक्ति-पुंज प्रखर
हे ! मधुप गीत गा मधुर -मधुर
हे ! भ्रमर गीत गा मधुर -मधुर ।।

Sunday, August 23, 2015

योग का महत्व

योग का मानव जीवन में बहुत महत्व है ।योग के द्वारा हमारा शरीर  ही नहीं अपितु मन भी  स्वस्थ  रहता है । योग साँस  का नियमन  है । योग द्वारा  मनुष्य साॅसों पर  नियंत्रण  कर के दीर्घायुत्व प्राप्त कर सकता है  । योग के  अभ्यास से बुद्धि  प्रखर होती है  । शरीर  बलिष्ठ होती है  । आज  भाग- दौड की दुनिया में  तन तथा  मन दोनों  का स्वस्थ  रहना  आवश्यक है । योग के  द्वारा  उच्च  रक्तचाप  , मधुमेह और डिप्रेशन  जैसी  बीमारियों से बचा जा सकता है ।  लोगों को  बचपन से ही  योगाभ्यास  करने की  आदत  डालनी चाहिए ।योग के  अभ्यास से शारीरिक  शक्ति  बढती है ,खून  साफ  होता है । पाचन क्रिया  सही  रहती है । योगाभ्यास  द्वारा  स्मरण  , चिंतन  ,तर्क  तथा अध्ययन  क्षमता  बढती है ।
  भारत  दुनिया में  योग गुरु  माना जाता है  ।भारत के  प्रधान मंत्री  श्री  नरेन्द्र मोदी  की  पहल पर 21 जून को  विश्व  योग  दिवस के रूप में  मनाया जाने लगा है  ।

Tuesday, August 18, 2015

रोज सबेरे

रोज सबेरे  सूरज की  किरणें,
चुपके से  मेरे  घर आती ,
जादू  भरी  रोशनी से वे
नींद हमारी  दूर भगाती ।।

रोज सबेरे  चिडियाॅ चीं -चीं
करके , अपने  गीत  सुनाती
जादू  भरे गीत के  स्वर से
सुबह  नींद से  हमे  जगाती  ।।

रोज  सबेरे  मम्मी  मेरी
मुझे  नाम  लेकर  के बुलाती
जादू  भरे  मधुर  स्वर  उनके
तंद्रालस को दूर  भगाते ।।

रोज सबेरे  पापा  मेरे
मुझे  उठा  मंदिर  को जाते
'उठ जा विट्टू 'कह करके
मुझे प्रात का  पाठ पढाते  ।।

सुख -दुख सब दुनिया में ही हैं
सुबह  शाम  आते जाते हैं
कोई  खो करके सोता है
कोई  सो करके  खोता है ।।

सुबह  देर तक  जो सोते हैं
बडे  आलसी  वे होते हैं
सुबह  समय से  उठने वाले
जग में  सम्मानित  होते हैं  ।

                                        राजेंद्र प्रसाद मिश्र